डा० भीमराव अंबेडकर के पद चिन्हों पर चलना ही दलितों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी

बुलन्दशहर : भारत के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 63 वें निर्माण दिवस पर दलितों को उनके पद चिन्हों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी इस मौके पर अंबेडकर अनुयायियों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण कर सच्ची श्रद्धांजलि दी मिली जानकारी के अनुसार डिबाई तहसील के ग्राम जरगवां में भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर के 63 वें दिवस के अवसर पर पार्क में लगी अंबेडकर प्रतिमा पर अंबेडकर अनुयायियों ने पुष्प अर्पित किए इस मौके पर अनुसूचित जाति मोर्चा के भाजपा मंडल अध्यक्ष डिबाई जयपाल सिंह गौतम, ने कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पद चिन्हों पर चलना ही दलितों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी बाबा साहब ने दलितों के उद्धार के लिए सारा जीवन न्योछावर कर दिया था दलितों को अधिकार प्राप्त हैं तो केवल बाबा साहब की देन है गौतम ने कहा बाबा साहब का जन्म 1891 तथा मृत्यु 1956 में हुई थी उनका जन्म 1 महार दलित परिवार में हुआ था उनके पिता ने मध्य प्रांत मध्य प्रदेश के महू छावनी में ब्रिटिश भारतीय सेना में सेवा की थी अपनी जाति के अधिकांश बच्चों के विपरीत युवा भीम ने स्कूल में पढ़ाई की थी हालांकि उन्हें और उनके दलित मित्रों को कक्षा के अन्दर बैठने की अनुमति नहीं थी शिक्षक उनकी नोट बुक नहीं छूते थे उन्होंने अपने जीवन में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था जितेंद्र कुमार गौतम, ने कहा है बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के द्वारा बनाए गए संविधान की देन है जो दलितों को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मिला हुआ है दलित बच्चों को यह प्रण लेना होगा कि हम पढ़ लिख कर कुछ बन सके यही बाबा साहब की सच्ची श्रद्धांजलि होगी इस अ वसर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के भाजपा मंडल अध्यक्ष डिबाई जयपाल सिंह गौतम,ग्राम प्रधान वीरपाल सिंह यादव,भूदेव सिंह मिस्त्री,भीमसेन पंडा,अशोक कुमार,मास्टर चरन सिंह,सुरेश चंद गौतम,जितेंद्र गौतम,देवेंद्र सिंह,भीम प्रकाश गौतम,पवन गौतम,श्रीपाल गौतम ,उदयवीर सिंह,राजू गौतम,नाहर सिंह,मनोज कुमार,पिंटू मिस्त्री,जीवन सिंह,मिस्त्री राजकुमार,विनोद भारती, आदि लोग उपस्थित रहे।