शिकारपुर डाक्टरों की तानाशाही से स्वास्थ्य केन्द्र बना जंगल राज

 शिकारपुर : नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरों की दबंगई के चलते मरीजों को करना पड़ता है । परेशानियों का सामना अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे कुत्ता काटने के इंजेक्शन नही मिलते अगर इंजेक्शन मिलते हैं तो सिरेंज का तो नामोनिशान ही नही होता है ।  बताते चलें की यह प्रक्रिया पिछले काफी दिनों से चलती आ रही है तब सिरेंज न होने की बात उपचार कराने आये कुमारी दिव्या शर्मा, ने डॉक्टर से पूछा कि सिरेंज बाहर से लानी पड़ेगी तो डॉक्टर ने सवाल किया की आप बतायें तुम कुत्ते कांटे का इंजेक्शन लगवाने आई हो तो आप ही को लानी पड़ेगी सिरेंज डांक्टर ने कुमारी दिव्या शर्मा, को ढेर सारी बातें सुना डालीं बात यहीं समाप्त नहीं हुई तब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में दवाई स्टोर इंचार्ज से इस विषय में जानकारी जुटानी चाही तो स्टोर इंचार्ज ने बताया कि इस समय अस्पताल में सिरेंज उपस्थित नहीं हैं। थोड़ी देर बाद डांक्टर का अपना एक व्यक्ति आया कुत्ते का इंजेक्शन लगवाने तो डॉक्टर ने अपने ही पास से सिरेंज दी और इंजेक्शन लगा दिया ये चल रहा है सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अपनों के लिए अन्दर औरों के लिए बाहर इसके बावजूद भी मरीजों को सिरेंज अन्य प्राइवेट मेडिकल स्टोरों से लानी पड़ रही है जिसमें एक सिरेंज की कीमत पांच रूपयें बसूली जाती है अगर विचार लगाया जाए तो एक महीने में लगभग पंद्रह सौ इंजेक्शन लगाए जाते हैं पंद्रह सौ इंजेक्शनों के लिए पंद्रह सौ सिरेंजों की आवश्यकता होती है, जो प्राइवेट से खरीदी जाती हैं। तो इस प्रकार 1500X5=7500 रूपयें आम पब्लिक से बचा लिए जाते हैं आखिर विभागीय उच्च अधिकारी ऐसे मामलों को संज्ञान में क्यों नहीं लेते या फिर विभागीय उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब कार्य चलता रहता है।