स्टाफ की कमी से जूझ रहा अगौता का सरकारी अस्पताल

अगौता : कस्बे के गांव रैना में स्थित स्वास्थ्य सामुदायिक केन्द्र स्टाफ की कमी से जूझ रहा है जिससे मरीज निराश होकर बाहर जाने को मजबूर हैं इस स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में औसतन साठ सत्तर मरीज प्रतिदिन आते हैं लेकिन कई अन्य बीमारियों वाले मरीज वापस लौटकर चले जाते हैं यहाँ तक कि सरकार के निर्देशनुसार राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल पर कुत्ते के काटने पर लगने वाले इंजेक्शन होने चाहिए मगर यहाँ फ्रीजर न होने की वजह से इंजेक्शन नहीं आ पाते हैं फिलहाल अस्पताल में केवल एक डॉक्टर,फार्मासिस्ट,डेंटल डॉक्टर,सुपरवाइजर,वार्ड बॉय, एवं एक स्वीपर, ही मौजूद है स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग काफी बड़ी बनी हुई है जिसकी वजह से अस्पताल को सीएचसी का दर्जा दिया गया है लेकिन सीएचसी का दर्जा मात्र सरकारी दस्तावेजों में ही रह गया है स्वास्थ्य केन्द्र पर कोई महिला विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण महिलाएं दूर गुलावठी या बुलन्दशहर जाने पर मजबूर हैं अस्पताल में मौजूद फार्मेसिस्ट योगेश गुप्ता, ने बताया कि काफी समय से अस्पताल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है अस्पताल के पास लैब व ऑपरेशन सम्बन्धित सभी सामान मौजूद है लेकिन कोई सर्जन या लैब टेक्नीशियन ना होने की वजह से मजबूरन मरीजों को अन्य अस्पताल के लिए रेफर करना पड़ता है अस्पताल को एक अतिरिक्त डाक्टर,महिला डाक्टर, लैब असिस्टेंट,फार्मेसिस्ट,वार्ड बॉय,स्टाफ नर्स,सुपरवाइजर, व स्वीपर जैसे पदों पर स्टाफ की जरूरत है जिसके लिए कई बार सम्बन्धित अधिकारियों को अस्पताल की समस्या से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम प्रशासन द्वारा नहीं उठाये गये हैं।