लोकभवन आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 के साथ की बैठक,

 "मुरादाबाद की घटना के आरोप में 17 गिरफ्तार, लगाया एनएसए,



"देश में पूल टेस्टिंग करने वाला पहला राज्य बना उत्तर प्रदेशप्रदेश, 


"प्रदेश में अबतक 773 केस, 13 लोगों की कोरोना से मौत, 


"कोरोना वायरस के संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने लोकभवन में की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 


 लखनऊ : 16 अप्रैल, कोरोना वायरस के संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने गुरूवार को संयुक्त रूप से यहां लोकभवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के दूसरे चरण का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आदेश सीएम योगी ने दिया है और कोरोना संदिग्ध मिलने पर थाना प्रभारियों की जवाबदेही भी तय करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी डीएम व एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में लॉकडाउन के नियमों का उल्लघंन ना हो। ऐसा होने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी तय है। इसके साथ ही सीएम योगी ने लॉकडाउन का सख्ती व गंभीरता से पालन करने के लिए प्रदेशवासियों से अपील की है।


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉकडाउन के कारण अपने सरकारी आवास पर ही हर सुबह टीम 11 के सदस्यों के साथ बैठक करते थे। लेकिन गुरूवार को सीएम योगी ने लोकभवन आकर इस टीम के साथ बैठक कर कई निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लॉकडाउन के दूसरे चरण के संबंध में केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ही कार्ययोजना तैयार करें। 20 अप्रैल तक हर हाल में कार्य योजना तैयार कर इसकी समीक्षा भी कर ली जाए। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की समीक्षा की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि हॉटस्पाट क्षेत्रों के हर घर को सैनीटाइज किया जाए। साथ ही डोर स्टेप डिलीवरी की भी गंभीरता से निगरानी हो। राशन, दूध, सब्जी, फल और दवाओं की कमी ना हो इसकी समीक्षा अधिकारी लगातार करते रहें।   


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में हुई घटना की घोर निंदा की है। साथ ही घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था। जिसके संबंध में पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज के आधार पर 17 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ एनएसए के तहत केस भी दर्ज किया गया है। आरोपियों द्वारा सरकारी संपत्ति नष्ट किए जाने पर इन्हीं से भरपाई कराने का आदेश मिला है। भरपाई नहीं करने पर इनकी संपत्ति जब्त करने का निर्देश सीएम योगी ने पुलिस विभाग को दिया है। 


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि उम्मीद है कि पीलीभीत की तरह महाराजगंज भी कोरोना के प्रभाव से बाहर निकलने में जल्द ही सफल होगा। उन्होंने बताया कि महाराजगंज में कोरोना पॉजिटीव के 6 केस सामने आए थे। सभी का उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान सभी 6 लोगों की पहली जांच रिपोर्ट निगेटीव मिली है। दूसरी रिपोर्ट अगर निगेटीव आती है कि तो यह शासन के लिए बड़ी सफलता होगी।    


अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जो लोग शासन द्वारा क्वारंटीन होने के बाद 14 दिन पूरे कर लिए हैं। उन्हें घर भेज दिया जाए। हालांकि उन्हीं लोगों को घर भेजा जा रहा है जो उसी जनपद या आसपास जनपदों के निवासी हैं। प्रदेश के बाहर वालों के लिए अभी फैसला नहीं लिया गया है। अब जो घर जा रहे हैं उन्हें होम क्वारंटीन रहने का निर्देश मिला है। साथ ही सीएम हेल्प लाइन से ऐसे लोगों की निगरानी करने का आदेश भी मुख्यमंत्री योगी ने दिया है। 


*प्रदेश में अबतक 773 केस, 13 की मौत: प्रमुख सचिव स्वास्थ्य*


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में अबतक 773 केस सामने आए हैं। उपचार के बाद 773 में से 69 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है। जबकि 13 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है। प्रदेश के 48 जनपद कोरोना से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग की संख्या में इजाफा करते हुए बुधवार को 3 हजार सैंपल टेस्ट के लिए भेजे थे। जिनमें से 2615 सैंपलों की टेस्टिंग कर ली गई है। 


प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश, देश में पूल टेस्टिंग करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार से प्रदेश में पूल टेस्टिंग की शुरूआत आगरा के बफर जोन से हुई। हॉटस्पॉट क्षेत्रों के ठीक पहले वाले इलाके बफर जोन में आते हैं। मेडिकल टीम ने वहां से 50 सैंपल लिया था। इन 50 सैंपल को 5—5 के 30 महासैंपल का पूल बनाकर टेस्ट किया गया। जिसमें सभी 30 सैंपल की रिपोर्ट निगेटीव मिली है। इस प्रयोग के बाद अब प्रदेश के हर जनपद में इसी प्रकार पूल टेस्ट करने का निर्देश जारी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम द्वारा अबतक 14 लाख 74 हज़ार घरों का सर्वेक्षण किया गया है। इन घरों में 72 लाख 1 हजार 799 लोग थे। सभी का परीक्षण कर लिया गया है। जहां कोरोना का लक्षण दिखे हैं, उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है।