बेबस "मासूम बच्चे को लेकर ड्यूटी कर रही है महिला सिपाही

 पीड़ित ने कठिनाई और परेशानी से अधिकारीयों को अवगत कराते हुए अवकाश की गुहार लगाई है



बुलन्दशहर : एक माँ की ममता ऐसी होती है जो खुद गीले में सोती है लेकिन अपने बच्चे को हमेशा सूखे में सुलाती है तमाम कठिन परेशानियों और हर मुसीबत में अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा कलेजे से लगाये रखती है और खुद परेशानी झेलकर मातृत्व का फर्ज निभाने में लालन-पालन करने में अपनी पूर्ण जिम्मेदारी निभाती है शुक्रवार को ऐसा ही नजारा गुलावठी कोतवाली में तैनात महिला आरक्षी अनीता के साथ  देखने को मिला है, जो अपने एक वर्ष के मासूम बच्चे को गोद में लेकर अपनी ड्यूटी पर तैनात है महिला सिपाही अनीता ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री के द्वारा भारत बन्द के आव्हान के बाद से ही गुलावठी में सैनी धर्मशाला के निकट पीकेट पर ड्युटी दे रही है उसका एक वर्ष का मासूम बच्चा है जो ड्यूटी के दौरान भी उसको अपने पास ही रखना पड़ रहा है जहां बच्चे के लिए किसी प्रकार की कोई भी खानपान की व्यवस्था भी नहीं है यदि बच्चा शौच अथवा लघुशंका कर देता है तो और अधिक परेशानी उत्पन्न हो जाती है इस दौरान उसको अपने बच्चे की देखभाल करने और उसको संभालने में कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी वह ड्यूटी और ममता का निर्वहन कर रही है फिलहाल महिला सिपाही का कहना है कि उसने अपनी समस्या से अधिकारीयों को अवगत कराते हुए अवकाश प्रदान करने की गुहार लगाई है इस समय थाने में महिला पुलिस की कमी है जिसके कारण मजबूरी में ड्यूटी कराई जा रही है जल्द ही अवकाश प्रदान करा दिया जायेगा हमारे थाने में और भी महिला पुलिसकर्मी हैं जो इस तरह पारिवारिक परिस्थियों से मजबूर हैं लेकिन फिर भी अपनी ड्युटी दे रही है सचिन मालिक थाना अध्यक्ष गुलावठी।